महामृत्युंजय जप पूजा भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए की जाती है। यह पूजा गंभीर रोग, भय, दुर्घटना और मानसिक तनाव से रक्षा करती है। इस मंत्र के जप से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, और जीवन में शांति, सुरक्षा तथा दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
मंगलभात दोष पूजा कुंडली में उपस्थित मंगल दोष को शांत करने के लिए की जाती है। इस दोष के कारण विवाह में देरी और दांपत्य जीवन में तनाव आ सकता है। विधिपूर्वक की गई यह पूजा मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम कर वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और स्थिरता लाती है।
पितृ दोष पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए की जाती है। पितृ दोष के कारण जीवन में समस्याएं और मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती हैं। विधि-विधान से की गई यह पूजा पितरों को संतुष्ट कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि लाती है।
ग्रहण दोष पूजा सूर्य या चंद्र ग्रहण के प्रभाव से उत्पन्न दोषों को शांत करने के लिए की जाती है। इस दोष से जीवन में बाधाएं और नकारात्मकता आ सकती है। सही विधि और मुहूर्त में की गई यह पूजा सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाकर जीवन में संतुलन और सफलता प्रदान करती है।
अंगारक दोष पूजा मंगल और राहु के संयोग से बने दोष को शांत करने के लिए की जाती है। इस दोष से क्रोध, विवाद और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। विधिपूर्वक की गई यह पूजा नकारात्मक प्रभाव को कम कर जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मक परिवर्तन लाती है।
नाग बली और नारायण बली पूजा सर्प दोष, पितृ दोष और अकाल मृत्यु से जुड़े दोषों के निवारण के लिए की जाती है। यह अनुष्ठान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है। विधि-विधान से की गई यह पूजा जीवन की बाधाएं दूर कर सुख-समृद्धि प्रदान करती है।
शनिशांति पूजा शनि देव के अशुभ प्रभाव, साढ़ेसाती और ढैय्या को शांत करने के लिए की जाती है। शनि दोष के कारण जीवन में बाधाएं, देरी और मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। विधिपूर्वक की गई यह पूजा शनि देव को प्रसन्न कर नकारात्मक प्रभाव को कम करती है और जीवन में शांति, स्थिरता व सफलता लाती है।
कुंभ विवाह वैवाहिक दोषों के निवारण के लिए किया जाने वाला विशेष अनुष्ठान है। यह मांगलिक या अन्य वैवाहिक दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है। शुभ मुहूर्त और सही विधि से किया गया कुंभ विवाह विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर कर सुखी वैवाहिक जीवन का मार्ग प्रशस्त करता है।
अर्क विवाह सूर्य दोष और वैवाहिक बाधाओं के निवारण के लिए किया जाने वाला विशेष अनुष्ठान है। यह पूजा विवाह में देरी और दांपत्य जीवन की समस्याओं को कम करने के लिए की जाती है। विधिपूर्वक और शुभ मुहूर्त में किया गया अर्क विवाह दोषों को शांत कर वैवाहिक जीवन में सुख और संतुलन लाता है।
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